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देश के किसानों की ज़िंदगी ख़ैरात से नहीं स्वावलम्बन से सुधरेगी

Gaonconnection Jan 20, 2025

जब गाँव के लोगों को खैरात में पैसा मिलता है चाहे महिलाओं के नाम से अथवा पुरुषों के नाम से वह सब पुरुषों के पास ही आता है और उसका सदुपयोग होगा यह गारण्टी भी नहीं है। मुफ्त के पैसे से तमाम लोग शराब पियेंगे, जुआ खेलेंगे और कुछ काम होने के कारण समय बर्बाद करेंगे। उनकी दशा उस भिखारी की तरह हो जाती है जो दाता के इन्तजार में सड़क किनारे बैठा रहता है और जब कुछ नहीं मिलता तो भूखे रहना भी पड़ता होगा।

 

Dr SB MIsra January 20, 2025

 

https://www.gaonconnection.com/samvad/self-reliance-indian-farmers-food-processing-msp-political-party/